यूएन में भारत का सख्त संदेश: अफगानिस्तान मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा जवाब | Drishti GK Study
Drishti GK Study Blog | International Relations Analysis संयुक्त राष्ट्र का मंच आमतौर पर शांति, शिष्टाचार और बेहद संतुलित कूटनीतिक भाषा के लिए जाना जाता है। यहां देश एक‑दूसरे पर सीधे आरोप लगाने से बचते हैं। शब्दों को तौला जाता है, इशारों में बात कही जाती है और हर वाक्य के पीछे रणनीति छिपी होती है। भारत भी उन्हीं देशों में से है जो यूएन जैसे मंचों पर बोलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतता है, क्योंकि भारत जानता है कि उसकी कही एक‑एक पंक्ति पूरी दुनिया में सुनी और समझी जाती है। लेकिन हाल ही में अफगानिस्तान को लेकर हुई चर्चा के दौरान भारत ने जिस तरह से अपनी बात रखी, उसने न सिर्फ पाकिस्तान को असहज कर दिया बल्कि यूएन में मौजूद कई देशों को चौंका भी दिया। यह पहली बार माना जा रहा है जब भारत ने बिना नाम लिए, लेकिन इतने साफ संकेतों के साथ पाकिस्तान की नीतियों पर सवाल खड़े किए कि संदेश समझने में किसी को भी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। यूएन का मंच और भारत का बदला हुआ तेवर भारत का बयान किसी उग्र भाषण जैसा नहीं था। लहजा संतुलित था, शब्द शालीन थे, लेकिन संदेश बेहद कड़ा। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि अफगा...