तुर्की बर्बादी के कगार पर! भारत से 3 बार मदद मांगी, लेकिन इंडिया ने क्यों किया नजरअंदाज़? | Turkey Wheat Crisis Explained
तुर्की बर्बादी के कगार पर और भारत चुप—आखिर क्यों? पूरा मामला समझें तुर्की की स्थिति इन दिनों बेहद खराब है। देश में महंगाई 75% के पार पहुंच चुकी है, तुर्की की करेंसी लीरा डॉलर के मुकाबले 35 के स्तर तक टूट गई है और लोग रातभर बेकरी के बाहर लाइन लगाकर ब्रेड खरीद रहे हैं। अनाज का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है, और तुर्की को हजारों टन गेहूं व चावल की जरूरत है। इसी खतरे को देखते हुए तुर्की ने पिछले कुछ हफ्तों में भारत को लगातार तीन चिट्ठियाँ भेजी हैं , जिनमें साफ लिखा गया है— “हमें तुरंत भारत की मदद चाहिए।” लेकिन भारत इन चिट्ठियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा। अब सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि भारत तुर्की की मदद करने को तैयार नहीं? तुर्की की आर्थिक बर्बादी—एर्दगान की गलत नीतियों का नतीजा तुर्की आज जिस हालत में पहुंचा है, उसकी वजह है— एर्दगान की गलत आर्थिक नीतियाँ आतंक समर्थक देशों के करीब जाना सऊदी और UAE जैसे खाड़ी देशों से टकराव ब्याज दरों में हस्तक्षेप कूटनीतिक गलतियाँ मेगा–इंफ्लेशन ने हालात बिगाड़ दिए हैं। कई दुकानों में ब्रेड और जरूरत की चीजें खत्म हो रही हैं। अना...