बांग्लादेश की यूनुस सरकार और भारत—तीखे बयानों से चावल खरीद तक: अचानक आए यू–टर्न के पीछे का असली सच क्या है? पिछले कुछ दिनों में बांग्लादेश की राजनीति में जो मोड़ आया है, उसने दक्षिण एशिया की कूटनीति को नए सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। कैमरे पर भारत विरोधी बयान , लेकिन परदे के पीछे भारत से आर्थिक मदद और सप्लाई की मांग —यही विरोधाभास आज बांग्लादेश की यूनुस सरकार की रणनीति का केंद्र है। मुख्य सवाल सिर्फ यू–टर्न का नहीं है। सवाल यह है कि यह बदलाव अचानक क्यों आया और इसके पीछे कौन-सी मजबूरियां छिपी हैं? 🔴 अंतरराष्ट्रीय दबाव: बयानबाज़ी से जमीन खिसकने का सफर जैसे-जैसे अमेरिका, फ्रांस और अन्य पश्चिमी देश बांग्लादेश के मानवाधिकार, चुनावी पारदर्शिता और अल्पसंख्यक सुरक्षा पर सवाल उठाने लगे, यूनुस सरकार पर दबाव बढ़ता गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना से बचने के लिए उसे ऐसे साझेदार की जरूरत थी, जिसकी मदद आर्थिक स्थिरता ला सके—और वह देश है भारत। 🥣 पेट और पैसे का गणित: चावल से लेकर प्याज तक भारत पर निर्भरता बांग्लादेश इस समय खाद्य संकट से गुजर रहा है। महंगाई, उत्पादन गिरावट और...