पुतिन के भारत दौरे पर पश्चिमी देशों की घबराहट | West vs India–Russia Diplomacy
पुतिन के भारत दौरे पर पश्चिमी देशों की घबराहट | West vs India–Russia Diplomacy भारत और रूस के रिश्तों को लेकर दुनिया में हमेशा दिलचस्पी रहती है, लेकिन जब बात पुतिन की भारत यात्रा की आती है, तो यह विदेश नीति का सबसे बड़ा अध्याय बन जाता है। जैसे-जैसे खबर फैलने लगी कि व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं, पश्चिमी देशों—फ्रांस, जर्मनी और UK—में बेचैनी बढ़ गई। क्योंकि India–Russia partnership हमेशा से West के लिए चुनौती रही है। यही वजह है कि पुतिन के भारत दौरे से ठीक पहले एक सुनियोजित प्रोपेगेंडा चलाया गया। क्या था यह अभियान? भारत ने इसे कैसे रोका? पूरी कहानी नीचे विस्तार से। 🔴 भारत में पुतिन के स्वागत से West क्यों डर गया? जब यह खबर सामने आई कि पुतिन भारत आने वाले हैं, तो पश्चिमी देशों ने इसे अपने रणनीतिक हितों के खिलाफ माना। वेस्ट को समझ नहीं आता कि भारत रूस को इतना महत्व क्यों देता है, जबकि अमेरिका और यूरोप लगातार रूस को “अलग-थलग” करने की कोशिश करते रहे हैं। 🔴 West द्वारा किया गया ‘Anti-Putin Narrative Campaign’ पुतिन के दौरे से ठीक पहले तीन देशों के प्रतिनिधियों — फ्रांस ...