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भारत छोड़ेगा WTO अगर नौकर समझा | India may leave WTO over Mexico’s high tariffs.

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भारत छोड़ेगा WTO अगर नौकर समझा | India may leave WTO over Mexico’s high tariffs. संयुक्त राज्य अमेरिका को लंबे समय तक मुक्त व्यापार और खुले बाजार की अर्थव्यवस्था का समर्थक माना जाता रहा है। लेकिन जब किसी देश की नीतियां उसकी ही जनता पर भारी पड़ने लगें, तो वही नीतियां सवालों के घेरे में आ जाती हैं। इन दिनों अमेरिका में ठीक यही स्थिति देखने को मिल रही है। भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ अब केवल कूटनीतिक या व्यापारिक मुद्दा नहीं रह गए हैं, बल्कि आम अमेरिकी नागरिक के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ गए हैं। जब विरोध पोस्टरों से सड़कों तक पहुंचा हाल के महीनों में अमेरिका के कई शहरों में ऐसे दृश्य सामने आए हैं, जहां लोग पोस्टरों के जरिए सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ आवाज उठाते दिखे। यह विरोध भारत के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस नीति के खिलाफ है, जिसका बोझ अब सीधे जनता की जेब पर पड़ रहा है। जिन लोगों ने कभी ट्रंप को व्हाइट हाउस तक पहुंचाया था, वही आज महंगाई और बढ़ती कीमतों से परेशान होकर उनके फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों को यह समझ आने लगा है कि मनमाने ढंग से लगाए गए टैरिफ केव...

यूएन में भारत का सख्त संदेश: अफगानिस्तान मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा जवाब | Drishti GK Study

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Drishti GK Study Blog | International Relations Analysis संयुक्त राष्ट्र का मंच आमतौर पर शांति, शिष्टाचार और बेहद संतुलित कूटनीतिक भाषा के लिए जाना जाता है। यहां देश एक‑दूसरे पर सीधे आरोप लगाने से बचते हैं। शब्दों को तौला जाता है, इशारों में बात कही जाती है और हर वाक्य के पीछे रणनीति छिपी होती है। भारत भी उन्हीं देशों में से है जो यूएन जैसे मंचों पर बोलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतता है, क्योंकि भारत जानता है कि उसकी कही एक‑एक पंक्ति पूरी दुनिया में सुनी और समझी जाती है। लेकिन हाल ही में अफगानिस्तान को लेकर हुई चर्चा के दौरान भारत ने जिस तरह से अपनी बात रखी, उसने न सिर्फ पाकिस्तान को असहज कर दिया बल्कि यूएन में मौजूद कई देशों को चौंका भी दिया। यह पहली बार माना जा रहा है जब भारत ने बिना नाम लिए, लेकिन इतने साफ संकेतों के साथ पाकिस्तान की नीतियों पर सवाल खड़े किए कि संदेश समझने में किसी को भी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। यूएन का मंच और भारत का बदला हुआ तेवर भारत का बयान किसी उग्र भाषण जैसा नहीं था। लहजा संतुलित था, शब्द शालीन थे, लेकिन संदेश बेहद कड़ा। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि अफगा...

पुतिन ने खोला तोहफों का पिटारा | Putin Modi deal India got 7 terrible box. @Drishtigkstudy

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 Putin India Visit 2025: भारत–रूस के 7 बड़े सहयोग जो Asia की शक्ति-संतुलन बदल देंगे 📌 Introduction – पुतिन के भारत आते ही क्यों हिल उठा पूरा विश्व? रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसे ही भारत पहुंचे, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई। कारण सिर्फ यह नहीं कि कोई बड़ा नेता भारत आया है—बल्कि इसलिए कि पुतिन अपने साथ 7 ऐतिहासिक सहयोग लेकर आए हैं, जो भारत की शक्ति, सुरक्षा, कूटनीति और वैश्विक स्थिति को अगले स्तर पर ले जाएंगे। आज का भारत पहले जैसा साधारण राष्ट्र नहीं रहा। भारत आज Global Decision-Making Power बन चुका है। यह दौरा उसी आत्मविश्वास और महत्व का प्रमाण है। ⭐ भारत–रूस के 7 बड़े सहयोग  1️⃣ सु-57 फाइटर जेट डील – India की एयर पावर में क्रांतिकारी बढ़त रूस ने भारत को Sukhoi-57 (5th Generation Stealth Fighter Jet) की तकनीक साझा करने और संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव दिया है। मुख्य शक्तियाँ स्टील्थ टेक्नोलॉजी – रडार पर लगभग अदृश्य 1500–2000+ km मारक क्षमता Hypersonic हथियार ले जाने की क्षमता भारत में निर्माण का प्रस्ताव चीन–पाकिस्तान सबसे ज्यादा घबराए...