भारत ने तैनात किए T-90 भीष्म टैंक! पाकिस्तान बोखलाया, जनरल की सीधी धमकी – पूरी कहानी समझें
भारत ने तैनात किए T-90 भीष्म टैंक! पाकिस्तान बोखलाया, जनरल की सीधी धमकी – पूरी कहानी समझें
दोस्तों, हालात ऐसे करवट ले चुके हैं कि पड़ोसी देश पाकिस्तान गुस्से में तिलमिला उठा है। तिलमिलाहट इतनी कि पाकिस्तानी सेना का चीफ ऑफ जनरल स्टाफ खुले मंच से भारत को चेतावनी देने लगा। बयान में इशारों ही इशारों में कहा गया कि अगर भारत उनकी "मांग" नहीं मानेगा, तो वे भारतीय टैंकों को जलाकर राख कर देंगे। अब सोचिए—यह कोई छोटा अधिकारी नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना का शीर्ष जनरल कह रहा है।
पूरा मामला शुरू होता है भारतीय सेना की त्रिशूल ट्राई-सर्विस एक्सरसाइज के खत्म होते ही, जब भारत ने अपने सबसे पावरफुल टैंकों में से एक T-90 भीष्म को पाकिस्तान से सटे रेगिस्तानी और मैदानी इलाकों में तैनात करना शुरू किया। यह तैनाती यूं ही नहीं की गई। इसके पीछे गहरी रणनीति छिपी थी, क्योंकि कुछ हफ्तों से पाकिस्तान ने अपने Al-Khalid और Al-Zarrar टैंक LOC और सियालकोट सेक्टर में आगे बढ़ा दिए थे।
पाकिस्तान ने यह टैंक इस डर से तैनात किए कि कहीं भारत किसी उकसावे का जवाब न दे दे। जब भारतीय सेना ने यह देखा कि पाकिस्तान बेवजह तनाव फैला रहा है, तो भारत ने भी जवाब में अपने T-90 भीष्म टैंकों को बिल्कुल सामने तैनात कर दिया। यह पाकिस्तान के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था और उनके जनरल की नींद उड़ गई।
यही कारण है कि पाकिस्तानी जनरल आमिर रज़ा मीडिया में बोलते नजर आए—
“भारत किस युद्ध की तैयारी कर रहा है? एक्सरसाइज खत्म हो चुकी, फिर भी टैंक हमारी ओर बैरल तान कर क्यों खड़े हैं?”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत ने टैंक पीछे नहीं हटाए, तो पाकिस्तान "हर एक भीष्म के सामने 10 टैंक उतार देगा" और जरूरत पड़ी तो भारतीय टैंकों को "जलाकर राख कर देगा।"
लेकिन पाकिस्तान जिस Al-Khalid टैंक को इतना बड़ा बताता है, वह दरअसल चीन के Type-90 टैंक का बदला हुआ रूप है। चीन ने इसे दुनिया भर में बेचने की कोशिश की, लेकिन कोई खरीददार नहीं मिला। अंत में इसे पाकिस्तान को थमा दिया गया और पाकिस्तान ने नाम बदलकर इसे Al-Khalid कह दिया। इसकी विश्वसनीयता पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं।
इसके उलट भारत का T-90 भीष्म दुनिया के सबसे खतरनाक मेन बैटल टैंकों में गिना जाता है।
इसकी मारक क्षमता 3 km से अधिक
रात में देखने की एडवांस टेक्नोलॉजी
ऑटोमेटिक फायर कंट्रोल सिस्टम
कंपोजिट आर्मर
हर मौसम और भूभाग पर लड़ने की क्षमता
भारतीय सेना की यह रीढ़ मानी जाती है और कई अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों में इसकी क्षमता साबित हो चुकी है।
तो पाकिस्तान अपने कमजोर Al-Khalid टैंकों को LOC के पास क्यों तैनात कर रहा है?
क्योंकि पाकिस्तान जानता है कि जमीन पर उसका मुकाबला कमजोर है। इसी वजह से वह बयानबाजी करके माहौल गर्म करता है, ताकि अंतरराष्ट्रीय ध्यान उसकी ओर रहे।
भारत की त्रिशूल एक्सरसाइज भी उसकी चिंता का एक बड़ा कारण है, क्योंकि यह थल सेना, वायु सेना और नौसेना का संयुक्त अभ्यास है जो वास्तविक युद्ध क्षमता को कई गुना बढ़ाता है। ऐसे माहौल में T-90 भीष्म की तैनाती पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश है—
भारत हर हालात के लिए तैयार है।
दिलचस्प बात यह है कि Pakistan अपने टैंकों को भारत से बेहतर बताने की कोशिश करता है, लेकिन Al-Khalid का प्रदर्शन कभी भी युद्ध में साबित नहीं हो पाया। वहीं भारत का T-90 कई बार अपनी शक्ति दिखा चुका है।
असल में पाकिस्तान की यह गीदड़भभकी सिर्फ मनोवैज्ञानिक खेल है। पाकिस्तान जानता है कि भारतीय सेना की असली ताकत उसकी रणनीति और युद्ध अनुभव है, सिर्फ हथियार नहीं। भारत हर बार अपनी रणनीति से साबित करता है कि वह बिना शोर किए भी मजबूत जवाब देने में सक्षम है।
और जब पाकिस्तान सीमा पर टैंकों की लाइन लगाने लगता है, तो भारत भी चुप नहीं बैठता। भीष्म की तैनाती पाकिस्तान के लिए डर नहीं बल्कि चेतावनी थी—
भारत किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।
अब बड़ा सवाल यह है—
क्या पाकिस्तान वाकई किसी बड़ी लड़ाई की तैयारी कर रहा है?
या फिर सिर्फ अपनी सेना का मनोबल ऊंचा दिखाने के लिए ऊंची आवाज में बयान दे रहा है?
समझदार लोग कहते हैं कि यह सिर्फ गीदड़भभकियों का खेल है, क्योंकि अगर असली टक्कर हुई, तो Al-Khalid जैसे चीन-पाक टैंक भारतीय भीष्म के 1% भी सामने नहीं टिक पाएंगे।
आप बताइए—क्या भारत को पाकिस्तान की हरकतों को देखते हुए और भी कठोर सैन्य तैनाती करनी चाहिए?
अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।
अगर लेख पसंद आया हो तो शेयर करें और Drishti GK Study को फॉलो करें।
जय श्री राम।

Comments
Post a Comment